हर इंटरएक्टिव टर्मिनल के केंद्र में स्पर्श पहचान की एक विशिष्ट विधि होती है। इन्फ्रारेड टच तकनीक "ऑप्टिकल ब्रेक" सिद्धांत पर काम करती है, जिसमें एक पतली बेज़ेल (bezel) के भीतर एम्बेडेड IR उत्सर्जकों और रिसीवरों के एक घने ग्रिड का उपयोग किया जाता है। जब कोई वस्तु—चाहे वह उंगली हो, दस्ताने वाला हाथ हो, या स्टाइलस हो—इन अदृश्य प्रकाश किरणों को बाधित करती है, तो सिस्टम उच्च सटीकता के साथ निर्देशांक (coordinates) की गणना करता है।
इसके विपरीत, कैपेसिटिव टच तकनीक मानव शरीर के विद्युत गुणों पर निर्भर करती है। कवर ग्लास के पीछे एक सूक्ष्म प्रवाहकीय ग्रिड लगा होता है; जैसे ही एक उंगली पास आती है, यह धारिता (capacitance) में एक स्थानीय परिवर्तन पैदा करती है। यह "जीरो-बेज़ेल" डिज़ाइन की अनुमति देता है, जिसे अक्सर "एप्पल-स्टाइल" सौंदर्य कहा जाता है, जहाँ डिस्प्ले किनारे से किनारे तक पूरी तरह से सपाट रहता है। जहाँ IR को उसके संरचनात्मक ढांचे से परिभाषित किया जाता है, वहीं PCAP को इसकी एकीकृत, आकर्षक सतह से परिभाषित किया जाता है।

